

हमीरपुर से ब्यूरो चीफ़ राजकुमार की रिपोर्ट
मौदहा हमीरपुर।विकासखंड क्षेत्र के गांव में एक संत का निधन हो जाने पर गांव वालों ने मिलकर आश्रम में ही अंतिम संस्कार एवं समाधि दे दी जिससे आसपास के क्षेत्र के गांव के लोग शोक में डूब गए और अंतिम विदाई दी
क्षेत्र के गांव बुढई उदासीन आश्रम में बचपन से रह रहे कि ईश्वरा आनंद संत 111 वर्ष की उम्र में उनका निधन हो गया आश्रम में रह रहे चेला सुखदेवानंद गांव में जाकर लोगों से इस घटना की जानकारी दी जिससे लोग एकत्र होकर संत की उदासीन अखाड़े पर ही उनका अंतिम संस्कार कर दिया क्षेत्र के लोगों संत को नाम आंखों से अंतिम विदाई उनके अंतिम संस्कार में लोगों का जन्म सैलाब उमड़ बड़ा कमेटी के लोग रिंकू कुशवाहा सुनील कुशवाहा जगदीश कुशवाहा गजराज यादव राम सिंह अरख आदि ने बताया कि यहां एक बहुत पहले बाहर से केवलानंद नाम के एक संत आए थे जो बचत की भूमि पर एक कुटी बनाकर रहने लगे उनके गुजर जाने के बाद गांव के ही ईश्वरआनंद संत बचपन से ही उसी कुटी में रहकर समाधि की पूजा अर्चना करने लगे और वहीं पर रहने लगे कमेटी बना कर लोगों ने वहां पर एक आश्रम बनवाया और संत की समाधि में लोग पूजा अर्चना करने लगे तब से यह उदासीन आश्रम के नाम से जाना जाता है।